Saturday, June 5, 2010

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने आज सरकार को सुझाव दिया कि वह विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के मकसद से देश में जैव विविधता उद्यान विकसित करने के लिए निजी संस्थानों, सशस्त्र बलों और निगमित क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर यहाँ हुए एक कार्यक्रम में कलाम ने कहा कि राष्ट्र की जैव विविधता पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक विकास के त्रिआयामी उद्देश्य को हासिल करने का एक आधार बन सकती है।

पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश राज्यसभा में अपने दोबारा निर्वाचन के लिए नामांकन के सिलसिले में हैदराबादजाने के कारण इस समारोह में नहीं आ सके।

कलाम ने कहा कि इसरो, डीआरडीओ, सीएसआईआर और परमाणु ऊर्जा आयोग की सुविधाएँ देश भर में हैं। उनके साथ मिलकर सरकार जैव विविधता उद्यान विकसित करने की दिशा में काम कर सकती है।

उन्होंने कहा कि सरकार की ये संस्थाएँ द्वीप क्षेत्रों, वन क्षेत्रों, पर्वतीय क्षेत्रों, रेगिस्तानी इलाकों और शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद हैं। लिहाजा, जैव विविधता उद्यान विकसित करने के लिए इनकी मदद ली जा सकती है।

कलाम ने सुझाव दिया कि पर्यावरण और वन मंत्रालय विश्व स्तर के जैव विविधता शोध केंद्रों की स्थापना के बारे में भी विचार कर सकता है

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